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अस्पताल से घर लौटे सतीश कौशिक को है बेटी की चिंता, बोले- ‘उनके लिए दुआ करें’


सतीश कौशिक (फोटो साभारः Instagram @satishkaushik2178)

एक्टर सतीश कौशिक (Satish Kaushik) पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमित (Satish Kaushik Corona Report) होने के चलते अस्पताल में भर्ती थे. कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सतीश घर लौट आए हैं, जबकि उनकी बेटी वंशिका (Satish Kaushik Daughter) अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं.

नई दिल्लीः कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद से एक्टर सतीश कौशिक (Satish Kaushik) अस्पताल में भर्ती थे. अब उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन उनकी बेटी (Satish Kaushik Daughter) कोविड-19 के लक्षण दिखने के बाद से अस्पताल में भर्ती हैं. सतीश की कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें घर वापस जाने दिया, हालांकि उनकी बेटी की मेडिकल रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई. इस वजह से एक्टर काफी दुखी हैं. उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.

सतीश अपनी बेटी के स्वास्थ्य को लेकर काफी दुखी हैं. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट्स के मुताबिक,  सतीश ने बताया, ‘मैं घर पर कुछ और दिनों के लिए क्वारंटीन रहूंगा. लेकिन मेरी बेटी वंशिका पिछले पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं. उनकी कोविड-19 रिपोर्ट नेगेटिव आई है, फिर भी उनकी बॉडी का तापमान सामान्य और स्थिर नहीं है. उनके लिए प्रार्थना करें.’

इस भयानक महामारी के बारे में चौंकाने वाली बात यह है कि इसके बारे में कुछ स्पष्ट रूप से नहीं कहा जा सकता. हम मानते हैं कि छोटे बच्चों पर इसका कोई असर नहीं होता.

सतीश ने कहा, ‘यह एक मुद्दा है. कोविड के बारे में निश्चित होकर कुछ नहीं कहा जा सकता. सबसे बुरा यह है कि वंशिका की कोविड टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, फिर भी वह बीमार हैं. उनके शरीर का तापमान 100-101 डिग्री सेल्सियत के बीच बना हुआ है. फोन पर उनके रोने की आवाज सुनकर मेरा दिल टूट जाता है. इस मुश्किल घड़ी में भगवान अपने बच्चों को अच्छी तरह से बनाए रखें.’

(फोटो साभारः Twitter/Satish Kaushik)

सतीश ने 17 मार्च को एक ट्वीट के जरिये कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी थी. डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था. वह कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल में इलाज करवा रहे थे. पिछले कुछ समय से सतीश कौशिक फिल्म ‘कागज’ को लेकर विवादों में बने हुए थे. उन्होंने इस फिल्म का निर्देशन किया है जो जिंदा मृतक की कहानी पर आधारित है.

यह फिल्म लालबिहारी नाम के शख्स पर बनी है, जिनके चचेरे भाई और पट्टीदारों ने 30 जुलाई 1976 को दस्तावेजों में मृत घोषित कराकर सारी सम्पत्ति पर कब्जा कर लिया था. लालबिहारी ने खुद को जिंदा साबित करने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी.





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